Hair Fall

Hair loss can appear in many different ways, depending on what’s causing it. It can come on suddenly or gradually and affect just your scalp or your whole body. Some types of hair loss are temporary, and others are permanent.

Signs and symptoms of hair loss may include:

  • Gradual thinning on top of head. This is the most common type of hair loss, affecting both men and women as they age. In men, hair often begins to recede from the forehead in a line that resembles the letter M. Women typically retain the hairline on the forehead but have a broadening of the part in their hair.
  • Circular or patchy bald spots. Some people experience smooth, coin-sized bald spots. This type of hair loss usually affects just the scalp, but it sometimes also occurs in beards or eyebrows. In some cases, your skin may become itchy or painful before the hair falls out.
  • Sudden loosening of hair. A physical or emotional shock can cause hair to loosen. Handfuls of hair may come out when combing or washing your hair or even after gentle tugging. This type of hair loss usually causes overall hair thinning and not bald patches.
  • Full-body hair loss. Some conditions and medical treatments, such as chemotherapy for cancer, can result in the loss of hair all over your body. The hair usually grows back.
  • Patches of scaling that spread over the scalp. This is a sign of ringworm. It may be accompanied by broken hair, redness, swelling and, at times, oozing.

बालों का खयाल कैसे रखें, Hair Loss Treatment in Hindi

पत्ते डालों वाली कंघियों से गीले बालों में कंघी न करें, इससे बाल जल्दी टूटते हैं। इससे बाल के डंडे पर जोर पड़ता है और वह कमजोर पड़ जाता है।
:: कंघी ज्यादा करना भी बालों के गिरने का कारण होता है जो 100 बार कंघी करने के नीयम से उल्टा है।
:: बाल ाोने के पहले कंघी करने से सारी गंदगी छूट जाती है और बाल साफ करने में मदद मिलती है।
:: ज्यादा शाम्पू करने से जरूरी तत्व जैसे लोहा, जस्ता, कॅलशिअ, फोस्फोरस, नाइट्रोजन बालों से निकाल देते हैं।
:: शम्पू जिसकी सही 5.5 की PH वह चुनें।
:: बाल ाोने के बाद, बालों को सूखे टोवेल से सुखाएँ। बालों को घसने से बचें खासकर टेरी कपड़े से जो बालों को ज्यादा खींचता है जब वे कमजोर होते हैं, गीली अवस्था में।
:: बालों को रंग लगाना, स्टाइल करना, गरम ट्रीटमेन्ट और केमिकल ट्रीटमेंट कमजोर करके गिराता है।
::बालों को ऐसी स्टाईल करना जो बहुत खिचान वाली हो जैसे पोनीटेल्स, कसी हुई गुत्ते साईद से बालों को तोड़ते है। इसे ट्रक्शन एलोपेशिया कहते हैं।

बालों का गिरना > प्रक्रिया – पुरुष एवं महिला

जरुरी निर्देश : बाल गिरना होमिओपेथी ले ट्रीट किया जा सकता है। संपूर्ण गंजापन नहीं किया जा सकता।
भेल और फिभेल पेटर्न गंजापन उम्र, होर्मोन्स और अनुवंशता के कारण होता है। औरत और आदमी बालों का घनापन कम होने लगता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ। यह आदमियों पे ज्यादा असर करती है बजाय औरतों के। 25% आदमी 30 की उम्र होने के साथ साथा गंजे होने लगते हैं और 2/3 60 की उम्र होने तक गंजे हो जाते हैं।
बाल गिरना – प्रक्रिया ( पुरुष ):
अनुवंशता के साथ मेल पेटर्न गंजापन के लिए टेस्टोस्टेरोन का होना अनिवार्य है। जिन आदमियों में टेस्टोस्टेरोन नहीं पाया जाता (किसी अनुवांशिक रोग के कारण या वंयकरण के कारण) उन्हे यह रोग नहीं होता।
बाल गिरने की मात्रा अन्द्गोमेनिक एलोपेशिया, तीन कारणों से बढ़ जाता है:- बढती हुई उमर, अनुवांशिकता गंजेपन की और दायहाइट्रोटेस्टोस्टेरोन और 5-अल्फा रिडक्टेस के प्रति अतिसंवेदनशीलता।
5-एल्फा रिट्रक्टेस टेस्टोस्टेरोन को दायहाइद्गोटेस्टोस्टेरोन में परिवर्तित करती है, जो बाल गिरने का कारण है। समय के साथ दायहाट्राटेस्टोस्टेरोन के कारण बाल की जड़ कमजोर होती है और एनाजेन का समय कम हो जाता है। जैसे एनाजेन का समय कम हो ताजा है, ज्यादा बाल गिरने लगते हैं, और बाल पतले होने लगते हैं, जब तक वह गिर नहीं जाते। गंजे होते हुए कुछ बाल लंबे, मोटे, काले बालों से पतले, सफेद बालों में परिवर्तित हो जाते हैं। रिसर्च ने स्थापित किया हे कि गंजेपन में इम्यूनोलोजिकल कारण भी है। हमारा इम्युनो सिस्टम बालों की जड़ों पे असर करने लगता है। मेल पेटर्न गंजेपन में काम होती हुई बालों की सतह और बालों का पतला होना, खोपडी के ऊपर और उसके बाद गंजे गोल निशान, और अंत में सिर्फ एक घोड़े की नाल के आकार के बाल साईज पे।

बालों का झडना > पोषण और बालों का बढ़ना:

बाल एक जैविक पद्धति का हिस्सा है, एक हिस्से की खराबी दूसरी जगह दुष्क्रियता पैदा करती है। अनुकूलतम सेहत को बनाएँ रखने के लिए, पोषण और व्यायाम का ख्याल रखना जरूरी है।

बालों का बढ़ना और उनका घनापन अनुवांशिक है और इसपे निर्भर करता है कि बालों की जड़े होर्मोन्स को कैसे परिक्रिया देती हैं। पोषण में अत्याािक कमी होना अनुवांशिक बालों के गिरने को बढ़ाते हैं। सही पोषण तरुरी है बालों को लंबा और चमकता हुआ बनाए रखने के लिए।

पोषण बनाएँ रखने का उत्तम तरीका है पोषणयुक्त आहार। पोषण के लिए गोलियाँ खाना गलत है। इन गोलियों को अािक मात्रा में लेना आसान है जिससे उसका गलत असर होना स्वाभाविक है। पोषक खाने के साथ ऐसा होना कम होता है, इसलिए पोषक आहार अतिआवश्यक है।

विशेषज्ञ फूज गाइद पिरामिड का निर्देश देते हैं। पोषक तत्त्वों के लिए। नियमित व्यायाम और स्ट्रेस मेनेजमन्ट उतना ही जरूरी है जितना की पोषक आहार। अपने आहार में बदलाव लाने के लिए एक विशेषज्ञ से मिलना जरूरी है।

खाद्य आहार के लिए पिरामिड:

Diet for Hair Loss in Hindi

आपके बालों को क्या चाहिए ?बालों पे असरक्या खायें?क्या ना खायें?
प्रोटीनबाल प्रोटीन से बने हैगोश्त, मछली, दूध् , पनीर, अँडे, दही, सोयाबीन इत्यादीसूगर, संसाधिन खाद्य, लाल गोश्त, फुल फॅट दूध् , मिठाईयाँ, कैफीन युक्त पदार्थ जैसे कॉफी, चाय, कोला, चॉकलेट यह शरीर के शक्तिर्वाक पदार्थों को कम करते हैं और अद्गीनल को बढ़ाते हैं जो एक चैन रिएक्शन की शुरूआत करता है जहाँ और अन्द्गोजेन पैदा की जाती है जिससे बाल गिरते हैं।
विटामिन एविटामिन ए सेहतमंद कोशिकाओं और इन्ट्रीक पदार्थों के लिए जरूरी है इसकी कमी से खोपड़ी मोटी होने लगती है, बाल कडक हो जाते है और सिकरी या डण्ड्रफ होने लगती है।कलेजा, मछली का तेल, अँडे, दूध्, लाल पीले और नारंगी सब्जीयाँ अच्छा स्त्रोत है विटामिन ए का और कुछ हरी सब्जीयाँ भी जैसे की पालक
विटामिन बी-6, बी-12, बायोटिनयह लोहे के लिए जरूरी तो फेफडों से कोशिकाओं तक आक्सीजन पहुँचाते हैं।भूरे चावल, गोबी, मशरूम्स, ओट्‌स, सुर्यमुखी के बीज, अखरोट, सोया, मटर, दालें, पका हुआ अंडे का पीला भाग
विटामिन सीविटामिन सी के कारण कोलेजेन को बढावे के लिए जरूरी है। इसकी कमी से बाल दोमँह बाले होकर टूट जाते है।ताजी काली मिर्च, निम्बूवंश के फल, खरबूजा, झडबेरी, आलू, टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जीयाँ।
विटामिन ईविटामिन ई खून के मात्रा को बढाता है और इससे ओक्सीजन बढ़ जाता है।हरी, पत्तेदार सब्जीयाँ, नट्‌स, दालें, वेजिटेबल ओयल्स में विटामिन ई पाया जाता है।
फोलिक असिड़लोहे के समावेशन के लिए जरूरी है।मारमाइट, बछड़े का कलेजा, छोले, एनदाइव
लोहाइसके कारण ओक्सीजन बालों को पहुँचता है।इसके कारण ओक्सीजन बालों को पहुँचता है।
जस्ताजस्ता कोशिकाओं की दुरुस्ती के लिए, तेल की ग्रन्थियोंको बनाए रखने के लिए। जस्ता डँडरफ की रोकथाम के लिए भी जरूरी है।कस्तूरा मछली, समुद्गी खाना, ओट्‌स
डब्बायह हिमोग्लोबिन के उत्पादन में मदद करता है।कलेजा, समुद्गी खाना, नट्‌स, सीद्‌स
आयोडीनबालों को बढ़ोत्री के लिए आयोडीन की जरूरत है।समुद्गी घास, सॉलोमन, लिमा बीन्स, गुडरस, अंडे, आलू छिलके समेत, चन्द्गशूर, लडसन
सिलिकासिलिका बालों को टूटने से बचाता है और उनकी उम्र बढॉने से रोकता है।चावल, ओट्‌स, लेटखूस, चुकन्दर, एसपरेगस, प्याज, स्टोबेरी, पत्तागोबी, ककड़ी, स्फोट पलाण्डु, रेवाचीनी, फुलगोबी, रसपालक
इसेन्शल फेटी असीड्‌सयहा बालों, नाखूनों और चमड़ी के आरोग्य के लिए जरूरी है।गहरे पानी की मछलियाँ जैसे सॉलोमन, मकरेल, सारडाईन, ट्राऊट, हेरींग
पानीपानी के उचित जलयोजन है, जो सभी पोषक तत्वों के लिए आदेश में जरूरी है कि महत्वपूर्ण ठीक से शरीर द्वारा उपयोग किया जाता है, के लिए नहीं बालों के रोम सहित शरीर में हर कोशिका का उचित उल्लेख समारोह

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